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रामलीला मैदान से किसानों ने प्रमुख मांगों को लेकर भरी हुंकार।नहीं चाहिए अयोध्या राम मंदिर हमें चाहिए अपने अधिकार

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दिल्ली किसान रैली मुक्ति मार्च

बहुत दिनों से अपनी मांग के लिए अन्य दाता दिल्ली की सड़कों पर पहुंच गया है। दिल्ली में उत्तर प्रदेश हरियाणा मध्य प्रदेश पंजाब आंध्र प्रदेश बिहार तमिलनाडु कर्नाटक महाराष्ट्र से अलग अलग किसानों का संगठन बुधवार से ही दिल्ली सीमाओं में लाखों की मात्रा में किसान ने प्रवेश कर लिया है। अक्टूबर के किसान के महा आंदोलन में किसानों की मांग पूरी ना कर कर वापस भेज दिया।

लेकिन अक्टूबर की तुलना में नवंबर में हो रही रैली में किसानों की स्थिति बहुत खतरनाक महसूस की जा रही है। देश के तमाम राज्यों से आए किसानों संगठनों ने रामलीला मैदान में अपनी मांगों के लिए हुंकार भर दी है। शुक्रवार में संसद मार्ग की ओर प्रस्थान कर रहे  किसानों को  दिल्ली पुलिस ने  संसद मार्ग को ओर नहीं जाने दिया। लेकिन आज शुक्रवार को किसानों के सभी  संगठनों ने तकरीबन समय 10:00 बजे सुबह से संसद मार्ग की ओर प्रस्थान कर दिया है। अब देखना यह कि सरकार उनकी मांगों को मानती है या नहीं। तमिलनाडु से भारी मात्रा में किसान बैंक के कर्ज से परेशान  आत्महत्या करने वाले किसानों  की अस्थियां और सिर हड्डियां लेकर पहुंचे

1- किसान रैली का असली कारण:

जब अन्य दाता को बड़े स्तर पर आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता है। लगातार खेती करने के दौरान भारी विपत्ति का सामना करना पड़ता है और उसे फसली लोन, क्राफ्ट लोन, फसली लोन, फसल बर्बाद होना, लोन पर बैंक का लगातार तगादा यदि समस्याओं से जब अन्नदाता टूटता है आत्महत्या करना या सरकार के ओर ताकने के  सिवा कुछ नहीं दिखाई देता है। इसलिए अन्नदाता लगातार सरकार को अपनी बात मीडियो के माध्यम से रैली आंदोलन करके सरकार तक पहुंचाने का काम करता है। जहां केंद्र सरकार सोशल मीडिया/टीवी चैनलों के माध्यम से किसान की किसान की दुगनी आए करने के झूठे आंकड़े पेश कर रही है। जो बेहद सोचनीय है। एबीपी न्यूज़ के चीफ एडिटर पी पी जोशी को शायद इसलिए निकाला गया। उन्होंने सरकार के झूठे आंकड़े की पोल खोल दी।

अक्टूबर 2018 में दिल्ली की किसान रैली दिल्ली पुलिस ने जमकर अन्नदाता के साथ उत्पीड़न किया।महाराष्ट्र और दिल्ली के किसान आंदोलन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ा। उन पर लगातार उतना और लाठी बरसाई जा रहीं हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में 26 नवंबर 2018 को अयोध्या की धर्म सभा में पहुंचे लाखों लोगों की भीड़ धारा 144 के बावजूद उत्तर प्रदेश पुलिस बोलने से आसक्षम रही। इन बातों से अंजाना लगाया जा सकता है कि सरकार धर्म को महत्व देती है या फिर किसानों को

2-किसान संगठनों की प्रमुख मांगे:

दिल्ली में पहुंचे भारी मौत लाखों की मात्रा में किसानों के संगठनों ने केंद्र सरकार से प्रमुख रूप से दो मांगों की मांग की है सरकार को अयोध्या का राम मंंदिर मुद्दा छोड़ कर

A- केंद्र सरकार सभी किसानों के कर्ज माफ करे

B- केंद्र सरकार सभी किसानों की फसल की लागत  का डेढ़ गुना मुआवजा दे।

किसानों  संगठनों की मांग है कि केंद्र सरकार संसद में  विशेष सत्र बुलाकर दोनों प्राइवेट बिलों पास करें।

3- किसान संगठनों  का समर्थन:

 

बार-बार किसान आंदोलन के बीच गुरुवार नवंबर 2018 को लाखों मात्रा में पहुंची दिल्ली किसानों को पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला एनसीपी प्रमुख शरद पवार एलजीडी प्रमुख शरद यादव के साथ-साथ बुद्धिजीवी लोगों , सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ साथ अन्य लोगों ने अन्य नेताओं को खुला समर्थन देने का ऐलान किया है।

4- किसानों की ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्थाः

 

हमारे देश के लिए कितनी खुशी की बात है कि मुसीबत भूख प्यास में लोग गुरुद्वारे  में जाकर पेट भर खाना खाते और ठहर भी सकते हैं। अपने आसपास हमें गुरुद्वारे के लिए हरसंभव सहायता करना चाहिए।

 

दिल्ली में गुरुवार को पहुंचे लाखों की मात्रा में किसानों के लिए

पांच गुरुद्वारे( रकाबगंज साहिब मजनू का टीला शीशगढ़ साहिब बंगला साहिब)

प्रबंधकों ने खाने और ठहराने की व्यवस्था करके समाज के लिए बेहतरीन काम किया है समाज सेवी संगठन एवं आप पार्टी  दिल्ली के कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर कैंप लगाकर भोजन की व्यवस्था की

5- किसान संगठनों का शुक्रवार का बड़ा प्रदर्शन:

दिल्ली में लाखों की मात्रा में पहुंचे किसानों ने शुक्रवार को सुबह से ही संसद भवन की ओर प्रस्थान करना शुरू कर दिया है। किसान संगठनों का कहना है वह किसी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं है। जब तक  केंद्र सरकार हमारी दोनों प्रमुख मांगों को संसद में शीतकालीन सत्र बुलाकर विधायक को पास नहीं कर देती। तब तक हमारे किसान संगठन पीछे हटने को तैयार नहीं।

6-दिल्ली पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए किए बंदोबस्तःः

गुरुवार से ही तमाम संगठनों ने जैसे ही दिल्ली में प्रवेश किया दिल्ली पुलिस चौक से बचने के लिए किसानों से निपटने के लिए पूरी व्यवस्था कर ली है।

 

 

1 Comment

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