Motivation / जराहटके

जानिए विस्फोटक नेता भीम आर्मी 2 के लोकेश कटारिया के जीवन का सच

जानिए विस्फोटक नेता भीम आर्मी 2 के लोकेश कटारिया के  जीवन का सच

जानिए विस्फोटक नेता भीम आर्मी 2 के लोकेश कटारिया के जीवन का सच

कौन है लोकेश कटारिया:

लोकेश कटारिया एक ऐसे शख्स का नाम है जो समाज के लिए एक मिसाल बनने का काम कर रहे हैं अपनी विस्फो-

टक आवाज और समाज के प्रति समर्पण के कारण जहां उनके गृह जनपद मेरठ में लगातार उनके बेहतरीन प्रोग्रामों

की चर्चा हो रही है। वहीं ज्यादा से ज्यादा लोगों ने उनकी भीम आर्मी टू का दामन थाम लिया है. मेरठ के पिपरासा

गांव में जन्मे लोकेश कटारिया का बचपन से ही समाज के प्रति समर्पण रहा है।

सन 2016 में समाज के प्रति जुनून के कारण  भीम आर्मी इस उद्देश्य भीम आर्मी  join ।की।कि मैं मरते दम तक

समाज के लिए बेहतरीन काम करूंगा। मगर   लोकेश कटारिया का सपना 30 सितंबर 2018 को पूरी तरह टूट

गया। क्योंकि चंद्रशेखर आजाद की समाज विरोधी नीतियों के कारण। लोकेश कटारिया का कहना है कि सब्जीपुर

कांड के विवाद के चलते 35 लड़कों को जेल जाना पड़ा। और आर्थिक तंगी से जूझ रहे उनके परिजनों को चंद्रशेखर

आजाद के द्वारा कोई आर्थिक सहायता नहीं की गई और ना ही उनसे जाकर जेल में मिले। समाज के प्रति जुझारू

साथियों के कहने पर आखिर 30 सितंबर 2018 को भीम आर्मी को पूरी तरह छोड़ दिया।

लोकेश कटारिया ने भीम आर्मी-2 की स्थापना क्यों की

भारी मात्रा में लोगों के समर्थन के कारण लोकेश कटारिया अमित शिवाजी गौतम ने 1अक्टूबर 2018 को अपने गृह जनपद पर भीम आर्मी-2 की विधिवत औपचारिक घोषणा की

जब टाइगर पोस्ट न्यूज के प्रधान संपादक सुशील बाबू सागर जी द्वारा भीम आर्मी 2 के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  लोकेश

कटारिया ने बात की गई तो उन्होंने बताया भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद अपने मकसद से भटक चुके हैं

इसका जीता जागता उदाहरण है की।सब्जी पुर कांड के विवाद के चलते पुलिस ने 35 लड़कों को जेल भेजा और

उनके परिजन बड़ी आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे हमारी चंद्रशेखर आजाद से विनम्र अपील के बावजूद थी कि जेल

में फंसे 35 लड़कों के परिजयों को आर्थिक मदद की जाए जो 35 लडके जेल से अपनी 17-17 माह की सजा काट

कर  जमानत पर आ चुके।लेकिन उन्होंने हमारी अपील को अनसुना करते हुए हमारी बातों और जेल में फंसे  35

लड़कों पर कोई ध्यान नहीं दिया। लोकेश कटारिया आगे कहते हैं जहां दबा कुचला न्याय न मिलने से परेशान भारी

 

मात्रा में लोगों के समर्थन के कारण अक्टूबर।2018 को  भीम आर्मी 2 बनाने की औपचारिक विधिवत घोषणा की।

भीम आर्मी 2 का समाज के प्रति संदेशः

जब भीम भीम सेना 2 के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकेश कटारिया  जी से बात की गई। उन्होंने बताया कि समाज के जितने

लड़के भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद  के चक्कर में पड़े हैं। उनके भविष्य को पूरी तरह बचाना है और एक ऐसे

नव भारत का निर्माण करना है जो बोधसित भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के को आदर्श मानते

हुए उनके पद चिन्हों पर चलकर संविधान की रक्षा करते हुए भारत में भीमराज काम कायम किया जा सके। और

गरीब तबके की बेटियों की।शादी निशुल्क कराई जा सके। समाज के गरीब तबके के लोगों की बेटी के साथ होने

वाली अनहोनी घटना पर अपराधी के खिलाफ कार्य किया जाएगा और पूरे भारतवर्ष में हर गांव में  एक।  भीम

पाठशाला खोलकर वहां बाबा साहब के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाएगा।

लोकेश कटारिया के चंद्रशेखर आजाद के बारे में विचारः

लोकेश कटारिया ने चंद्रशेखर आजाद के बारे में बात करते हुई बताया कि चंद्रशेखर आजाद RSS की ideology पर

काम कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे रिमोट कंट्रोल किसी और के हाथ में है। किस बात से साफ अंजाना लगाया जा

सकता है कि अगर चंद्रशेखर रावण बहन मायावती को बुआ कहते हैं तो उनके बसपा पार्टी के बैनर तले काम क्यों

नहीं कर लेते इसलिए मैं बहन मायावती ने उनसे साफ तौर पर प्रेस वार्ता करके कह दिया भीम आर्मी के चंद्रशेखर से

उनका कोई लेना देना नहीं है। लोकेश कटारिया ने आगे  कहा आप ही देख लीजिए कि आए दिन चंद्रशेखर जी

कभी कांग्रेस के इरफान मसूद से मिलते हैं।   तो  कभी  जिग्नेश मेवाड़ी से हैं तो कभी की कांग्रेस की उपाध्यक्ष डॉ

आनंद राय से  और जो आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल और शरद यादव से भी मिल चुके हैं। आप हमें यह बताने

की कृपा करें कि चंद्रशेखर रावण अब तक बसपा के कौन से ऐसे नेता से मिले हैं

भीम आर्मी 2 की अब तक सभाएंः

भीम आर्मी 2 के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकेश कटारिया जब से भीम आर्मी टू का गठन किया है तब से तकरीबन अब तक

500 तूफानी सवाल कर चुके हैं। उनका कहना है कि मरते दम तक समाज की बेहतरी के लिए काम करूंगा।

लोकेश कटारिया को कितनी बार जेल जाना पड़ा

25 जून 2017 को भीम आर्मी के तत्वावधान में रोड जाम किया गया था। गुड़ मंडी, मगंलौर जिला – हरिद्वार में। रुड़की जेल में 2 महीने की जेल हुई।

21 दिसंबर 2017 को मुजफ्फरनगर में 350 गांवों में से देवी – देवताओं की तस्वीरें उतरवा कर नहर में डलवा दी थी। 3 महीने की जेल काटी

2 अप्रैल के आदोलंन में हरिद्वार में 4 महीने की जेल में बंद रहा हूँ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>