उत्तर प्रदेश / राजनीति

अलीगढ़ भाजपा सम्मेलन में बसपा सपा गठबंधन को ढकोसला बताने पर जमकर बरसीं मायावती  कहा गठबंधन से भयभीत बीजेपी एंड कंपनी अब डूबने के कगार पर व्यवहार ऐसा जैसे खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे

अलीगढ़ भाजपा सम्मेलन में बसपा सपा गठबंधन को ढकोसला बताने पर जमकर बरसीं मायावती  कहा गठबंधन से भयभीत बीजेपी एंड कंपनी अब डूबने के कगार पर व्यवहार ऐसा जैसे खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे

भाजपा अलीगढ़ सम्मेलन में बसपा सपा गठबंधन को ढकोसला बताने पर जमकर बरसीं मायावती  कहा गठबंधन से भयभीत बीजेपी एंड कंपनी अब डूबने के कगार पर व्यवहार ऐसा जैसे खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे

टाइगर पोस्ट न्यूज़ नेटवर्क डेस्क

क्या वाकई में देश में मौजूद स्थिति में राजनीतिक संकट है

2019 के लोकसभा आम  चुनाव से पहले देश में भाजपा द्वारा जिस तरह भय का माहौल पैदा किया जा रहा है। उससे देश के सवा सौ करोड़ आम जनता समझने में तनक भी देरी नहीं लगेगी। मौजूदा देश की एनडीए की मोदी सरकार के मौजूदा नेता आखिर इतनी बौखलाहट में क्यों है। क्या वाकई में उनसे कुछ छिनने वाला है। और क्या वाकई में बीजेपी का पतन होने वाला है। क्या देश में जिस तरह महागठबंधन की समीकरण बन रहे हैं। कहीं इससे स्पष्ट तो नहीं हो रहा है कि मोदी सरकार संकट में है। अब से पहले तमाम  सरकार आई। ऐसा राजनीतिक संकट कभी खड़ा नहीं हुआ जैसा अब है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए मौजूदा सरकार ने विपक्ष का अस्तित्व ही खत्म कर दिया। और लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया भी पूरी तरह संकट में है जो आम जन की आवाज सरकार तक पहुंचाने का काम करती है। उन आम जन की आवाज तक सरकार तक पहुंचने से पहले दफन कर दी जाती है।

जबकि जो चटुकार मीडिया सरकार गुलाम है। वह जनहित के मुद्दे छोड़कर सरकार की गुलामी में लगी हुई है। तो भला आम जन की आवाज कौन उठाया। सरकार की गुलाम मीडियो द्वारा टीवी चैनल ऊपर ऐसे मुद्दे उठाए जाते हैं। जो पूरी तरह अर्थहीन है। जिन मुद्दों से आमजन का कोई लेना देना नहीं। मौजूदा स्थिति को देखकर स्पष्ट  लग रहा है जैसे गुलाम मीडिया के पीछे कोई बड़ा मजबूत तंत्र काम कर रहा है। आने वाले समय में ऐसा लग रहा है कि  यह गुलाम मीडिया निश्चित ही अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ेगा। अब आप को असली मुद्दे की ओर ले चलते हैं। बुलंदशहर की डीएम रह चुकी आईएस बी चंद्रकला के घर

दिसंबर में ही सपा बसपा के गठबंधन की खबरें जैसे ही राजनीतिक गलियारे में धूम मचाने लगी।वैसे ही बीजेपी के नेताओं के हमले के साथ साथ बुलंदशहर की डीएम रह चुकीं आईएएस बी चंद्रकला के घर 5 जनवरी 2019 को खनन मामले को लेकर सीबीआई द्वारा रेड डाली गई। इस  मामले को लेकर लगातार पूर्व मंत्री अखिलेश यादव को घेरने की कोशिश की गई  जिसको लेकर सपा बसपा के नेता द्वारा जमकर बीजेपी के खिलाफ सरकारी मशीनरी दुरुपयोग करने का आरोप लगाया

 

12 जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटों को लेकर बहुजन समाज पार्टी व समाजवादी पार्टी के बीच 38-38 सीटें को लेकर औपचारिक गठबंधन का ऐलान हुआ। जिस को लेकर सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दादर नगर हवेली से गठबंधन पर सीधा हमला बोला। और तब से लेकर आज तक बीजेपी के नेता बसपा सपा गठबंधन पर हमला बोलते हैं। और दिलचस्प बात तब हुई सपा बसपा गठबंधन के बाद तुरंत पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खनन मामले में घेरने  के साथ साथ और अब बसपा प्रमुख मायावती को  उसकी सरकार में बने स्मारक को लेकर सीबीआई द्वारा पूछताछ करने की तैयारी की जा रही है। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के लगातार बयान आ रहे हैं कि यह सब राजनीतिक से प्रेरित है।

 

दुनिया का सबसे बड़ा भारतीय संविधान राष्ट्रीय ग्रंथ क्यों

इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  के नेतृत्व में 20 जनवरी 2019 को तकरीबन 20 राजनीतिक दलों द्वारा महागठबंधन की रैली का आयोजन करके मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की गई। उसके तुरंत बाद  सोमवार 4 फरवरी 2019 को शारदा रोज वैली चिटफंड के 17000 करोड़ के घोटाले की जांच कर रही सीबीआई  ने कोलकाता पुलिस  आयुक्त राजीव कुमार के घर बिना कोर्ट बारंट के पूछताछ करने की कोशिश की गई। दिलचस्प बात तब घटी जब पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पूछता करने गए सीबीआई के 40 अफसरों को कोलकाता पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन जब वहां से छुटी सीबीआई ने तुरंत सुप्रीम  कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अपनी अर्जी देते हुए तुरंत सुनवाई की मांग करते हुए कहा कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार की गिरफ्तारी व  पूछताछ की अनुमति प्रदान की जाए और डीजीपी और मुख सचिव के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी करने की अनुमति प्रदान की जाए। जिस पर शीर्ष अदालत ने सोमवार को सुनवाई से इनकार करते हुए मंगलवार को सुनवाई करते हुए कहा कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से शिलांग प्रदेश के सीबीआई कार्यालय में में पूछताछ की जा सकती है। लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकती।

उत्तर प्रदेश में सपा बसपा गठबंधन के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के हमले तेजः

बसपा प्रमुख मायावती द्वारा 6 जनवरी 2019 को एक प्रेस रिलीज नोट जारी करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बीजेपी बूथ सम्मेलन में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा बसपा सपा के गठबंधन को ढकोसला बताया गया। जिस पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता पूरी बौखला गए हैं जो 24 घंटे  सोते जागते उठते बैठते बाहर छोटे-बड़े कार्यक्रम में गठबंधन को ढकोसला बता कर कोस रहे।जिनके कारण उनकी नींद उड़ गई है सपा बसपा के गठबंधन से भारतीय जनता पार्टी एंड कंपनी पूरी तरह बौखला गई है।जो किसी हद तक भी जा सकती है

13 प्वाइंट रोस्टर क्या वाकई में एससी एसटी ओबीसी वर्ग के लिए खतरनाक साबित होगा. क्या केंद्र सरकार एससी एसटी ओबीसी के हितों की रक्षा के लिए कोई कदम उठाने जा रही है

केंद्र व राज्य सरकारों में सिर्फ खासकर उत्तर प्रदेश में हर प्रकार से जातिवाद राजनीतिक द्बेष धार्मिक उन्माद और संप्रदायिकता  को हर प्रकार से सरकारी संरक्षण बढ़ा दिया गया है जिसके कारण आज देश  त्रस्ष व चिंतित है

अलीगढ़ में बीजेपी की बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में खासकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा बीएसपी और एसपी के गठबंधन पर ज्यादातर हमला बोला।

जिस पर बसपा प्रमुख मायावती ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर बीजेपी बसपा सपा की गठबंधन से भयभीत नहीं है तो उनका शीर्ष नेतृत्व गठबंधन पर इस तरह प्रहार कर रहा है जैसे गुस्सा में आकर एक बिल्ली खंबा नोचती है  खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे  अपनी प्रतिक्रिया से बसपा प्रमुख मायावती ने यह बताने की कोशिश की बीजेपी का हाल उस तरह हो गया है जैसे गुस्से में आकर एक बिल्ली आरसीसी के एक मजबूत खंबे को नोचने  की कोशिश करती है। लेकिन भला आरसीसी का मजबूत खंबा रूपी बसपा सपा का गठबंधन बीजेपी से हिल ही नहीं रहा है। क्या 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के यह मजबूत  बसपा सपा के खंबे को हिला पाएगी बीजेपी। या फिर उत्तर प्रदेश में खुद हिल जाएगी बीजेपी

गूगल टॉप पर्सनालिटी सपना चौधरी ने इंस्टाग्राम पर बेहतरीन खूबसूरत फोटो पोस्ट कर बरपाया दर्शकों पर कहर। जानिए सपना चौधरी ने सपने को साकार करने में कितनी कड़ी मेहनत की

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी प्रेस नोट में आगे का बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा बार बार एसपी बीएसपी के गठबंधन को ढकोसला बताकर बेलगाम हो कर कोसने से सर्व समाज से जुड़े लोग और भी ज्यादा जिद के साथ बसपा सपा के गठबंधन के  समर्थन में उतरने लगे हैं जिसके कारण बीजेपी की बौखलाहट स्वाभाविक तौर पर और बढ़ रही है वास्तव में बीजेपी को लग रहा है

लंदन ईवीएम खुलासे के बाद बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने प्रेस वार्ता करके उठाई बैलेट पेपर से लोकसभा चुनाव कराने की मांग

कि बीएसपी एसपी के गठबंधन के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी बुरी तरह हार ने वाली है इसके साथ साथ केंद्र की सत्ता भी उनके हाथों से निकलने वाली है इसी बौखलाहट के चलते बीजेपी के लोग साम दाम दंड भेद के हथकंडे अपनाकर गठबंधन को बदनाम करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं और अपनी तथाकथित विकास के एजेंडे को पूरी तरह से भुलाकर अपनी पिछली चुनावी वादा खिलाफी एवं विश्वासघात पर लोगों का ध्यान बांटने के  लिए सपा बसपा के गठबंधन को कोस रहे हैं जो अति निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है उनके साजिश और हथकंडे सफल होने वाले नहीं। बीजेपी की जनविरोधी नीति व गलत अहंकारी कार्यकलापों से देश की आम जनता ही ज्यादा दुखी हुई है से मुक्ति चाहती

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले झारखंड भाजपा में बड़ा फेरबदल प्रणव वर्मा होंगे झारखंड के नए प्रदेश उपाध्यक्ष

अयोध्या में राम मंदिर मुद्दे पर बीएसपी प्रमुख ने जवाब देते हुए कहा मंदिर कोई निर्माण का मुद्दा नहीं है असली मुद्दा यह है कि देश  संविधान व उसकी मंशा के मुताबिक सही कानून व्यवस्था से चलेगाया फिर बीजेपी आरएसएस एंड कंपनी के धार्मिक उन्माद और संकीर्ण सोच के आधार पर चलेगा। बीजेपी एंड कंपनी द्वारा अपने आप को संविधान व कोर्ट से ऊपर मान कर चलने की कोशिश कर रही है जिसके कारण आज देश को अनेक अभूतपूर्व संकटों के दौर से गुजरना पड़ रहा है देश की लगभग सवा सौ करोड़ आम जनता इसकी चक्की में पिस रही है

अलीगढ़ के भाजपा बूथ सम्मेलन में अमित शाह ने क्या कहाःः

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के क्रिकेट एकेडमी मैदान में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बूथ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा उत्तर प्रदेश में भाजपा सपा का गठबंधन एक ढकोसला है यूपी में बुआ भतीजे यदि राहुल गांधी को भी साथ ले लें। तो उन्हें कुछ मिलने वाला नहीं। इस बार 73 से 74 सीट जीतकर विरोधी का मुंह बंद कर देंगे।

जबकि उत्तर प्रदेश की राजनीति  को लेकर जिस तरह की समीकरण बनाएं। टीवी चैनलों के सर्वे के मुताबिक जो उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर सर्वे जारी किया जा रहा है  उसे साफ जाहिर हो रहा है कि उत्तर प्रदेश में 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 30 से 35 सीटों पर सिमट रही है। बीजेपी की सीटें घटने का सबसे बड़ा कारण बसपा सपा का गठबंधन है। बीजेपी की सीट घटने का सबसे बड़ा रोड़ा बसपा सपा गठबंधन है जिसके कारण आए दिन बीजेपी के नेता बसपा सपा के गठबंधन पर हमला करते आए।

 

 

 

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>