गुजरात

गुजरात में उत्तर भारतीयों के आंखों देखी हाल जानने। अगर हिन्दी बोले तो पीटे व गुजराती न बोले तो पीटे

गुजरात में अगर हिंदी बोले तो पिटे  या फिर गुजराती बोले तो  पीते गुजरात: गुजराती  ने जिस तरह उत्तर भारतीयों के खिलाफ हिंसक रूप इस्तेमाल किया। उनकी कार्यशैली से यह स्पष्ट तौर पर प्रतीत होता है कि वहांँ कानून का राज नहीं ।गुजराती तो भारत के किसी भी कोने में नागरिक को मारपीट, धमकी देने की क्षमता रहा है। देश के लिए कितनी शर्म की बात है गुजरात में उत्तर भारतीयों पर  लगातार हमलें बढते जा रहे हैं लेकिन देश के किसी भी नेता ने उत्तर भारतीयों पर हमलें की गुजरातियों की कभी निंदा नहीं की होगी है। नेताओं का मुंह तो सिर्फ वोट की भूख मांगने को खुलता है।नेताओं का मुंह तो विपक्षियों को गाली/आरोप लगाने के लिए खुलता हैं।आज हिन्दी भाषाई लोगों लगातार हमले हो रहें हैं उन्हें किराये के घर से निकलकर नंगा करके पीटा जा रहा है उन्हें रात में फैक्टरी के अन्दर सिर्फ हिदी बोलने पर पीटा जा रहा है।उत्तर भारतीय का कहना हैं...