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जीएसटी को सरकार को लागू करने की क्यों जरूरत पड़ी।जानिए विस्तार से

जीएसटी को सरकार को लागू करने की क्यों जरूरत पड़ी।जानिए विस्तार से

जीएसटी को सरकार को लागू करने की क्यों जरूरत पड़ी।जानिए विस्तार से

GST : वस्तु एवं सेवा कर (goods and service tax)

 

खास बातें

  1. GST  क्या है। यह कैसे काम करती है
  2. GST को सरकार ने क्यों लागू किया।
  3. जीएसटी से व्यापारियों होने वाले लाभ और नुकसान
  4. जीएसटी से केंद्र सरकार को अब तक कितना राजस्व collection प्राप्त हुआ
  5. जीएसटी पर विपक्ष की राय
  6. जीएसटी का लंबा सफर

 

GST क्या और कैसे काम करती है

जीएसटी: GOOD AND SERVICE TAX अगर सीधे शब्दों में कहें तो जीएसटी को वस्तु और सेवा कर कहते हैं।

यानी मार्केट में बनने वाली वस्तु पर भी कर और उस पर  सेवा कर भी लगाया जाता है। जीएसटी भारत सरकार

द्वारा आरंभ किया गया बेहतरीन टैक्स व्यवस्था है सरकार  ने मौजूदा कर प्रणाली व्यवस्था सशक्त और मजबूत  करने

को जीएसटी को लागू किया। भारत सरकार ने अन्य प्रकार के छोटे करों को समाप्त कर कर करके जीएसटी के एकल

कर व्यवस्था लागू कीऔर जहां देश के  कई अर्थशास्त्रियों ने जीएसटी से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत होने का संकेत दिया।

जीएसटी सरकार द्वारा लगाया गया जनता पर एक अप्रत्यक्ष कर है यानी कि जनता पर सीधे तौर पर कर ना

लगाते हुए कई प्रतिक्रिया से गुजरकर  जनता पर लगाया जाता है

स्टेज-1

जैसे एक व्यापारी राइस मिल चलता है तो उसे चावल तैयार करने के लिए धान की आवश्यकता होगी।जब वह

व्यापारी बाजार से कच्चा(धन) माल खरीदते हैं तो उस व्यापारी को बाजार से खरीदा गया धान पर सरकार के स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा।

नोटःचावल खरीदने वाला और बेचने वाला दोनों का जीएसटी पंजीकृत होना जरूरी।अगर दोनों व्यापारी का

GSTIN ना होने की सूरत में कमर्शियल टैक्स विभाग कभी भी छापा मार सकता है और कभी भी नोटिस जारी कर सकता है

स्टेज-2

जब व्यापारी धान से चावल बना कर उत्पादन या निर्माण करता है तो उस व्यापारी को उत्पादन/निमार्ण पर स्लैब के  हिसाब से देना होगा।

नोटःयहांँ भी दोनों व्यापारियों का GSTIN होना जरूरी है

स्टेज-3

जब व्यापारी चावल को तैयार कर लेता है और बड़े होलसेलर, C/F वेयरहाउस को देने पर विक्रेता को सरकार के स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा।

स्टेज-4

अब यहां पर अगर कोई रिटेलर्स होल-सेल से  चावल खरीदता है तो उसे भी सरकार के स्लैब की हिसाब से रिटेलरिंग पर टैक्स देना होगा।

स्टेज-5

यहां पर जब भी कोई उपभोक्ता किसी खुदरा दुकानदार से चावल खरीदना है। तो खुदरा दुकानदार उपभोक्ता से GST सहित चावल के पैसे वसूलता है ।

भारत सरकार के जीएसटी लागू करके उन व्यापारियों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। जो टैक्स चोरी की माहिर

थे। भारत सरकार की  इतनी सशक्त व्यवस्था के बावजूद भी टैक्स चोर चोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं

जीएसटी को सरकार ने क्यों लागू किया

मोदी सरकार के बहुप्रतीक्षित GST ड्रीम प्रोजेक्ट को 17 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिर जुलाई 2017 को

लोकसभा और राज्यसभा में सर्वसम्मति से पारित कर दिया।जिसको राष्ट्रपति के अनुमोदनके बाद 1जुलाई2017

को पूर्ण रूप से लागू कर दिया गया।भारत सरकार ने  ड्रीम प्रोजेक्ट जीएसटी विधेयक पारित करा कर ऐतिहासिक

कदम उठाया।जबकि पिछली कांग्रेस सरकार ने जीएसटी को लागू करने को एड़ी चोटी का जोर लगाया। लेकिन

विपक्ष भाजपा की सख्त रवैया के कारण अनंता कांग्रेस सरकार जीएसटी बिल को पास न कर सकी । लेकिन सत्ता

में आई उसी भाजपा सरकार ने  जुलाई 2017 को  राज्यसभा और विधानसभा से सर्वसम्मति से पारित करा

लिया। जबकि विपक्ष कांग्रेस इसका लगातार विरोध करती रही।जो एक बात जगजाहिर है कि जीएसटी लागू करने के

दौरान व्यापारी और जनता को भारी समस्या का सामना करना पड़ा ।सरकार ने सभी तरह की करो कि झंझट को

खत्म करते हुए। देश में एकल कर व्यवस्था लागू करते हुए जीएसटी को आरंभ किया गया।भारत  सरकार का सीधे

तौर पर उद्देश था कि देश में हो रही बड़े पैमाने पर कर चोरी को खत्म किया जा सकेगा। सरकार ने जीएसटी को

लागू करके बहुत से कर चोरों की पूरी तरह दुकान बंद कर दी। भारत सरकार की जीएसटी लागू करने के दौरान

व्यापारी और जनता को हो रही जन समस्याओं के कारण

जीएसटी से व्यापारियों को होने वाले लाभ और नुकसान

भारत सरकार ने 1 जुलाई 2018 को जीएसटी को पूरे देश में लागू कर दिया। सरकार के इस ऐतिहासिक कदम से

व्यापारी और विपक्ष की नीद पख्ता हो गई। भारत सरकार का कहना यह था कि  सभी तरीका के छोटे करो को खत्म

करते हुए एक कर प्रणाली लागू की है। जिससे देश के हर व्यापारी को इस कर प्रणाली से लाभ होगा।भारत सरकार

की एक तरह से बात सही भी है कि अनेक तरह के करों की  व्यवस्था की जंजीरों को खत्म करते हुए। एकल प्रणाली लागू की

जीएसटी से केन्द्र सरकार ने अब तक कितना कलेक्शन किया।

भारत सरकार ने 2018 में अब तक जीएसटी से राजस्व कलेक्शन किया प्राप्त किया

महावार                                            राजत्व संग्रह

नवंबर 2018                                       97637 करोड़

अक्टूबर 2018                                  100710 करोड़

सितंबर 2018                                      94442 करोड़

अगस्त2018                                       96960 करोड़

जुलाई 2018                                       96483 करोड़

जून 2018                                          95612 करोड़

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 जीएसटी पर विपक्ष की रायः

जहां भारत सरकार ने जीएसटी को अर्थव्यवस्था की देश के लिए मजबूत चाबी बताया। वहीं राजकीय कोष में भारी

मात्रा में पैसा पहुँचा।भारत सरकार ने विपक्ष के विरोध के बावजूद जीएसटी बिल सरकार ने  लोकसभा राजसभा में

से पारित कर लिया । जब से भारतीय जनता जनता पार्टी ने जीएसटी बिल देश पर देश भर में लागू किया है। तब से

सबसे ज्यादा हमला कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी किये। कांग्रेस पार्टी के प्रमुख राहुल गांधी ने जीएसटी को

जनता के साथ खुली लूट बताया।जीएसटी को देश का सबसे बड़ा घोटाला बताया।

जीएसटी संरचनाः

 

भारत सरकार ने जीएसटी की संरचना करते समय तीन भागों में बांटा। सरकार ने इसे महत्वपूर्ण मानते

CGST: यह  टैक्स केंद्र सरकार द्वारा कलेक्शन कलेक्ट किया जाता है

SGST: यह टैक्स राज्य सरकारों द्वारा कलेक्ट किया जाता है

IGST: यह टैक्स अंतरराष्ट्रीय विक्रय पर केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किया जाता है

 

जीएसटी पंजीकरण प्रक्रियाः

भारत सरकार ने सभी प्रकार के करों को मिलाकर एकल कल कर बना कर पंजीकृत प्रक्रिया को सबसे आसान

बनाया उन व्यापारियों के लिए जीएसटी पंजीकरण सबसे आसान है जो पुराने व्यापारी हैं उन्हें पंजीकरण कराने के

लिए एक अपना पुराना TIN से  जीएसटी पंजीकरण करा सकते हैं जबकि नए व्यापारी के लिए पंजीकरण कराना

थोड़ा मुश्किल काम है।, उसके लिए आधार कार्ड पैन कार्ड,  IT रिटंर्स,बैंक पास बुक आधार कार्ड पैन कार्ड

आदि दस्तावेज की आवश्यकता होती है और ऑनलाइन किसी वकील ,सीए या फिर से साइबर्  कैफे  से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है

 

 

 

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