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बसपा की मीटिंग में मायावती ने किसको लेकर दिया बड़ा बयान

बसपा की मीटिंग में मायावती ने किसको लेकर दिया बड़ा बयान

बहुजन समाज पार्टी की मीटिंग में मायावती ने 11 विधान सभा के उपचुनाव के लेकर दिया बड़ा बयान। देखिए पूरी रिपोर्ट।

लखनऊ:2019 के लोकसभा चुनाव  में मिली बहुजन समाज पार्टी को कड़ी शिकस्त के बाद गठबंधन के दोनों

घटकों( सपा बसपा )को मालूम पड़ने लगा। अब गठबंधन करके मोदी को हराया नहीं जा सकता है। शायद इसलिए

सपा  बसपा अपने हार के  बाद  एक  दूसरे  पर  ठिकारा फोड़ने पर लगे हैं। लेकिन हकीकत में उस वजह को जानने

की कोशिश नहीं कर रहा है जिसके कारण सपा बसपा की बुरी तरह हार हुई। अगर  महा गठबंधन  के घटक  अपनी

हार की गहनता से  समीक्षा करें तो उन्हें  अपनी हार का सही कारण  मालूम पड़ जाएगा लेकिन विपक्ष जानने की

कोशिश ही नहीं कर रहा है कि हमारे हार का आखिर कारण क्या है। दरअसल कोई भी नेता जमीनी स्तर में

जाकर  जनता से  रूबरू नहीं होता है और ना ही  उनकी समस्याओं का समाधान करता है सिर्फ विपक्ष के पास एक

भी ऐसा मुद्दा नहीं है। जिसके माध्यम से वह जनता के वोट लेने में कामयाब हो सके।जिस तरह बसपा मायावती

Mayawati  बात  करतीं हैं  कि हमारा समाज का इतना वोट है। और उससे भी बोर्ड हमारे इशारे पर बसपा को वोट करता है। लेकिन

हकीकत तो यह है कि अगर सभी राजनीतिक दल जमीनी स्तर पर जनता के बीच में काम करते हैं तो उन्हें सत्ता में

आने से कोई नहीं रोक सकता लेकिन जो जातिवाद वंश वाद और परिवारवाद की बात करते हैं तो उन्हें देश की

जनता जानती है कि यह सिर्फ अपने परिवार  वंशवाद को बढ़ाने की कोशिश करने हैं। इन चैन ना तो किसी जाति का

भला हो सकता है ना ही समाज का भला हो सकता ना देश का भला हो सकता है इसलिए शायद वंशवाद और

जातिवाद की बात करने वाले नेताओं से  जनता ने मुंह मोड़ लिया। उधर भारतीय जनता पार्टी अपने मजबूत

एजेंडे के साथ आगे बढ़ती रही और पूरा विपक्ष  भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे पर ही काम करता रहा। दरअसल

भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने में विपक्ष की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी जिस

एजेंडे को गाड़ कर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर चलाती थी उसका ही पूरा विपक्ष समर्थन करता था इसलिए शायद

यही वजह है कि आज विपक्ष का पूरी तरह वजूद खत्म हो गया। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने में  कांग्रेस

का सबसे ज्यादा योगदान रहा क्योंकि जिस मुद्दे पर कांग्रेस का विरोध करना चाहिए था उस मुद्दे पर  कांग्रेस  समर्थन

करती थी और जिस मुद्दे पर समर्थन नहीं करना था उस पर समर्थन  करती  थी। आज  बहुजन  समाज  पार्टी  प्रमुख

मायावती Mayawati ने बैठक कर अपने कार्यकर्ताओं को यह संकेत दे दिया है कि अब बहुजन समाज  पार्टी किसी दूसरे  पार्टी से

गठबंधन नहीं करेगी  उनकी  दृष्टि में अब  महागठबंधन बेकार है। दरअसल बसपा प्रमुख मायावती Mayawati को 2014 के

लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस की गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में नैया  डुबो दी थी उस  गठबंधन से  मायावती

Mayawati को सीख लेना चाहिए था। बस मायावती Mayawati को किस जगह बंधन पहले ही नहीं करना

चाहिए था जिस बात को ठोक खाने के बाद  मायावती Mayawati ने  अब यह फैसला लिया है।  वह किसी भी

दूसरी पार्टी से किसी भी चुनाव में गठबंधन नहीं  करेंगे  और आगामी विधानसभा की 11 उप चुनाव की सीटों के

लिए अब किसी से गठबंधन नहीं करेंगे सिर्फ अपने बलबूते चुनाव लड़ेंगे।

सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि आज मायावती Mayawati ने  लखनऊ में मीटिंग करके अपने कार्यकर्ताओं को साफ कर दिया कि

वह आने वाले  विधानसभा की 11  उपचुनाव  की  लोक विधानसभा सीटों पर किसी से गठबंधन नहीं करेंगे। उन्होंने

अपनी मीटिंग में अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में गठबंधन के

बावजूद होने के बावजूद हमारा वोट समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को ट्रांसफर हो गया लेकिन  बसपा के प्रत्याशियों

को समाजवादी का वोट नहीं मिला। अगर जहां भी हमारा प्रत्याशी जीता है वह सिर्फ मुस्लिम वोटों के बदौलत जीता है  यादवों का वोट हमें नहीं मिला।

कोई  समय था  बसपा  प्रमुख  मायावती Mayawati  को  सोशल इंजीनियर सबसे बड़ा नेता माना जाता था। जो अपने

बेहतरीन सोशल इंजीनियरिंग के बल पर उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह Mayawati चुकी हैं। आज

बसपा  प्रमुख  मायावती Mayawati के सामनेे बड़ा संकट है। साथी वजह है कि आज मायावती Mayawati

को 2019 के लोकसभा चुनाव में मात्र 12 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। कहीं ना कहींं बसपा मायावती

Mayawati को अपनी पार्टी का स्वरूप बदलना पड़ेगा तभी जाकर कुछ बढ़ा कर सकती।

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आज बसपा प्रमुख मायावती Mayawati ने लखनऊ में मीटिंग कर कर यह स्पष्ट कर दिया कि उनके लिए गठबंधन बेकार है और

उनके प्रत्याशी को यादवों ने बिल्कुल वोट नहीं दिया यह कहकर मायावती Mayawati ने अपने लिए अपने लिए समाजवादी के

दरवाजे बंद कर लिए। बसपा प्रमुख मायावती को समझना चाहिए कि  जैसे  कोई  मीटिंग करती हैं। उसी  हिसाब से

उनका विरोधी उनके खिलाफ एजेंडा तैयार करता है। और शायद इसलिए विरोधी उनसे कामयाबी पाने में कामयाब

हो जाता है। अब देखना यह बसपा प्रमुख मायावती अपने इस नए एजेंडे से 11 विधानसभा के उपचुनाव सीटों पर क्या गुल खिलाती है।

रिपोर्ट सुशील बाबू सागर टाइगर पोस्ट न्यूज़ नेटवर्क नोएडा

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